
मैंने देखा है ज़िंदगी को
पल में बदलते हुए
रात से पहले सूरज को
रंगों में ढलते हुए
साँसों की सरगम को
बस यूँ ही जमते हुए
जीवन के पहिये को
अचानक थमते हुए
मैंने देखा है ज़िंदगी को
पल में बदलते हुए
रात से पहले सूरज को
रंगों में ढलते हुए
सपनों के चमकीले दाने
चक्की में पिसते हुए
छोटे छोटे से हाथों को
लकीरें घिसते हुए
मैंने देखा है ज़िंदगी को
पल में बदलते हुए
रात से पहले सूरज को
रंगों में ढलते हुए
मणि



So true. Life changes in a fraction of secondvery keen observation in poetic mood.
Thanks