मंज़िलों के थे सपने देखे मगर
रास्तों में ही रहने की चाहत है
ज़िंदगी को समझ कर पाया है अब
रास्ता ही असल में तो मंज़िल है
🎶✨️🎶✨️🎶
September 26, 2025 by Manisha Tomer
मंज़िलों के थे सपने देखे मगर
रास्तों में ही रहने की चाहत है
ज़िंदगी को समझ कर पाया है अब
रास्ता ही असल में तो मंज़िल है
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