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कभी कभी ऐसा होता है
दुख या सुख का मन में
इक सैलाब उमड़ आता है
कला के अनन्त सागर में उसे
बहा देना अच्छा होता है
और फिर रह जाता है
एक हल्का सा मन, एक ज़रा से तुम
इस ब्रह्माण्ड के बहुत छोटे से कण
मणि

When overwhelmed by sadness or happiness
It is good to flow away the excess
In the infinite ocean of art
What remains is
a light mind, a little you
a tiny particle of the universe
Mani


जो अब है वही सब है
क्या होता, क्या हुआ, क्या होगा
कितने जीवन नष्ट हुए
इस सोच में रह कर
जो अब है वही सब है !

बीती बातें पुरानी
उससे उपजी वो ग्लानि
छोड़ें आँसू बहाना
दुख के त्योहार मनाना
खो न दें ‘आज’ का अनमोल खज़ाना

जो अब है वही सब है !

भविष्य की अंतहीन कल्पनाएँ
करनी ही हैं तो नए सपने सजाएँ
व्यर्थ चिन्ता में दिल क्यों दुखाना
ईश्वरप्रदत्त शक्ति से करेंगे सामना
सर्वमंगल की कीजिए कामना

जो अब है वही सब है !
मणि


Only the present moment is real !
What happened, what happens, what will happen
How many lives destroyed
lost in this thought
Only the present moment is real !

Let go of the past
and the guilt from the past
Stop shedding tears
Celebrating sadness
Do not lose the precious treasure of ‘Today’

Only the present moment is real !

Instead of endless future fantasies
Decorate new dreams
Why hurt in vain and worry
Will face all with God-given strength
Wish for all the best in life

Only the present moment is real !
Mani


 

जीवन में मानें नहीं हार
बादल ढक लें सूरज को दिन चार
उसकी चमक न धुंधलाए
चाहे कोशिशें कर लें हज़ार
जीवन में मानें नहीं हार

मिट्टी में भी मिल जाएँ तो क्या
मिट्टी अपनी जननी है
बीज की तरह फिर उगें, बढ़ें
फलों फूलों से लदे वृक्ष हो जाएँ
जीवन में मानें नहीं हार

विपत्तियों में जलें तो क्या
जलें, गिरें फिर उठें
उस अमरपक्षी की तरह
पुनर्जीवित जो होता है अपनी ही राख से!

                                                         मणि

Never give up in life
Clouds may shroud the Sun for a few days
But cannot fade the Sunlight
No matter how hard the clouds try
Never give up in life

Even if you are totally ruined
Believe in yourself
Grow again like a seed
Be a tree laden with fruits and flowers
Never give up in life

What if you burn in calamities
Burn, fall, then rise
like the Phoenix from his ashes!
Mani


माँगू क्या तुमसे हे कृपानिधान !
बिन माँगे दिये इतने वरदान
इक बूँद में दिखलाया सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड
असीम आनंद पाया कर ओउम् का ध्यान
सुन कर पक्षी भी प्रसन्नता से करते गान
सूर्य झट न्यौछावर करता अपनी मुस्कान
मुझसे अधिक मेरे सुख-दुख का तुमको ध्यान
हे ईश ! इतना ही बस देना दान
हृदय हो सद्गुणों का उद्गम स्थान
हर्ष-विषाद में चित्त रहे एक समान
मंगल हो सदा, अमंगल का हो प्रस्थान
सृष्टि का निरन्तर होता रहे कल्याण!
मणि

What do I wish for O merciful God!
You showered so many boons without asking
Revealed the whole universe in a drop
Infinite bliss found in Aum meditation
Even the birds sing with joy to the tune of Aum
And the sun hurries out to smile
You care more for my happiness and sorrow than me
Dear God! my only prayer to you is
May virtues be born and reside in my heart
Let me be balanced in joys and sorrows
Let the goodness stay and evil go
May the world and universe be blessed always!
Mani


कहीं खिलखिलाती हँसी की फुहार
कहीं बह रही अविरल अश्रुधार
लगता तो है, बारिशों का मौसम आ गया

कहीं फूलों को निखारती बूँदें
कहीं जलमग्न वो प्यारे घरौंदे
लगता तो है, बारिशों का मौसम आ गया

कहीं मयूरी को रिझाने थिरके मयूर
कहीं विरह-वेदना बहती सुदूर
लगता तो है, बारिशों का मौसम आ गया

कहीं बिखरी इन्द्रधनुष की छटा
कहीं काले घने बादलों की घटा
लगता तो है, बारिशों का मौसम आ गया

सुख-दुख, दुख-सुख की बहती रहेगी बयार
गाती ये सावन की फुहार
मणि


सपनों के यान, हे चन्द्रयान!
भारत का मान बढ़ाना तुम!
करोड़ों भारतीयों की आशा का
चंदा पर दीप जलाना तुम!
बचपन की सारी कविताएँ
चन्दामामा को सुनाना तुम!
चन्द्रमा पर तिरंगा फहरा कर
विश्वपटल पर छा जाना तुम!
सपनों के यान, हे चन्द्रयान
भारत का मान बढ़ाना तुम!
मणि


मैंने देखा है ज़िंदगी को
पल में बदलते हुए
रात से पहले सूरज को
रंगों में ढलते हुए

साँसों की सरगम को
बस यूँ ही जमते हुए
जीवन के पहिये को
अचानक थमते हुए

मैंने देखा है ज़िंदगी को
पल में बदलते हुए
रात से पहले सूरज को
रंगों में ढलते हुए

सपनों के चमकीले दाने
चक्की में पिसते हुए
छोटे छोटे से हाथों को
लकीरें घिसते हुए

मैंने देखा है ज़िंदगी को
पल में बदलते हुए
रात से पहले सूरज को
रंगों में ढलते हुए
मणि

नई भोर


Manisha Tomer's avatarmanisha tomer's blog

नववर्ष की नई भोर में

नया स्वप्न फिर बुनती हूँ

नई उम्मीदें नया हौसला

नए तराने सुनती हूँ

नए सूर्य की किरण-किरण से

आलोकित हो उठती हूँ

चिड़ियों के मधुर कलरव में

नए संदेसे सुनती हूँ

इंद्रधनुष के रंग सभी

मन में पल-पल भरती हूँ

ईश्वर की अद्भुत रचना से

अभिभूत हो उठती हूँ

मणि

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Happy Diwali